Humein To Loot Liya (New Lyrics)

If his supporters are honest to themselves, they should be singing this modified qawwali right about now:

हमें तो लूट लिया इन बिखरे नारंगी बालों ने
छोटे छोटे हाथों ने, झूठी झूठी बातों ने

What’s interesting about this song is that once you start with the lines above, the rest of the song can remain unchanged and it still mostly works. I have highlighted the lines that fit just perfectly even with this new meaning:

नजर में शोकिया और बचपना शरारत में
अदाए देखके हम फँस गए मोहब्बत में
हम अपनी जान से जायेंगे जिनकी उल्फत में
यकीन है की ना आएंगे वोह ही मैयत में
तोह हम भी कह देंगे, हम लुट गए शराफत में

वही वही पे क़यामत हो वोह जिधर जाये
झुकी झुकी हुयी नजरो से कम कर जाये
तडपता छोड़ दे रस्ते में और गुजर जाये
सितम तोह यह है की दिल ले ले और मुकर जाये
समझ में कुछ नहीं आता की हम किधर जाये
यही इरादा है यह कहके हम तोह मर जाये

वफ़ा के नाम पे मारा है बेवफाओ ने
की दम भी हमको ना लेने दिया जफ़ाओ ने
खुदा भुला दिया इन हुस्न के खुदाओ ने
मिटा के छोड़ दिया इश्क की खताओ ने
उडाये होश कभी जुल्फ की हवा ने
हयाए नाज़ ने लुटा कभी अदाओ ने

हजार लुट गए नजरो के इक इशारे पर
हजारो बह गए तूफान बनके धारे पर
ना इनके वादों का कुछ ठीक है ना बातो का
फ़साना होता है इनका हजार रातो का
बहुत हसीन है वैसे तोह भोलापन इनका
भरा हुवा है मगर ज़हर से बदन इनका
यह जिसको काट ले पानी वोह पी नहीं सकता
दवा तोह क्या है दुआ से भी जी नहीं सकता
इन्हीं के मारे हुए हम भी हैं ज़माने में
है चार लफ्ज़ मोहब्बत के इस फ़साने में

जमाना इनको समझता है नेक और मासूम
मगर यह कहते हैं क्या है किसीको क्या मालूम
इन्हें ना तीर ना तलवार की जरुरत है
शिकार करने को काफी निगाहे उल्फत हैं
हसीन चाल से दिल पायमाल करते हैं
नजर से करते हैं बातें कमाल करते हैं
हर एक बात में मतलब हजार होते हैं
यह सीधे सादे बड़े होशियार होते हैं
खुदा बचाए हसीनो की तेज चलो से
पड़े किसी का भी पाला ना हुस्न वालो से

हुस्नवालो में मोहब्बत की कमी होती है
चाहनेवालो की तक़दीर बुरी होती है
इनकी बातो में बनावट ही बनावट देखी
शर्म आँखों में निगाहों में लगावट देखी
आग पहले तोह मोहब्बत की लगा देते हैं
अपनी रुकसार का दीवाना बना देते हैं
दोस्ती कर के फिर अंजन नजर आते हैं
सच तोह यह है की बेईमान नजर आते हैं
मौत से कम नहीं दुनिया में मुहब्बत इनकी
जिन्दगी होती बरबाद बदौलत इनकी
दिन बहारो के गुजरते हैं मगर मर मरके
लुट गए हम तोह हसीनो पे भरोसा कर के